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Showing posts from December 18, 2015

रह जाएगी

साभार गुगल



हम रहे या ना रहे बस दीवानगी रह जाएगी
हौसले मिट भी गए तो जुस्तजू रह जायगी
कल मिलेगे काट कर दुनियाँ के हर सितम
मजबूरियाँ ऐसी बड़ी की हम फ़ना हो जायेगे

मेरी सांसों में

साभार गुगल

तुम बसें हो मेरी सांसों में  मेरी धड़कन में तुम समाए हो 
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मैं थरथरा रही हूँ लों की तरह
तुम मेरे साथ -साथ जलते हो
------------------------------------------- गुम रह कर देख ली दुनियाँ सारी
तुम मेरी साँस साँस में महकते हो
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तेरे संग रह कर पा लिया है तुझे
तुम मेरे रोम- रोम में बसते हो
------------------------------------------------- मेरी नज़रों में धुंध सी रहती है
तुम किसी धूप सा मुस्कुराते हो
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तेरे कदमों में ज़माना आ गया है
"अरु"तुम साया बन कर उभरते हो
आराधना राय "अरु"

गुजरता है

साभार गुगल
गुजरता है
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उनकी गलियों से अब  गुजरता है
रूह की वादियों से जब गुजरता है

सोंधी मिट्टी की कसक है यादों में
मन बावरा  प्यार में अब बहकता है

तेरा अक्स बादलों में अब दिखता है
रूप का सागर  बन जब छलकता है

वादा उमर भर का  कोई नहीं करता है
हादसों से हर कोई कब यहाँ उभरता है

छोड़ दिया सारा हमने रिश्ता-ए जहान
दर्द का काफ़िला जब कोई चलता है

उनकी आँखों से नूर बन कर  बहा
मन का उमंगो भरा जब संवरता है

मेरी हाथों में लिख कर इबारत सी
"अरु" कोई अश्क बन पिधलता है
आराधना राय "अरु"