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Showing posts from August 29, 2016

अतुकांत

साभार गुगल



अतुकांत
विश्वास के छोर होते है एक छोर तुम्हारे हाथ में होगा जो कही राह में छुटगया होगा एक छोर मेरे हाथ में साथ बन कर चल रहा है विश्वास का कुछ अगर टुटा सा मिले तो समझना दिल था मेरा क्युकी क्योकि विश्वास की डोर में दिल ही बंधे होते है जो टूट जाए दिल होते है विश्वास नहीं टूटते
आराधना राय अरु