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Showing posts from October 3, 2016

जाता नहीं

साभार गुगल



आज रंज ओ गम का रंग जाता नहीं मय -ओ मीना का समा भाता नहीं
मैंने दुनियाँ का चलन सीखा नहीं  बढ़ कर  मेरा हाथ उसने थामा नहीं
हमसफर कब तू  मेरे साथ साथ था या गम ए दिल ने तुझे पहचाना नहीं कल तलक सफर में थे मेरे आस पास आज कोई आवाज़ दे कर बुलाता नहीं
आराधना राय अरु